ऑडिशन के बहाने 17 बच्चों को बुलाकर बना लिया बंधक, वीडियो भेजकर दी धमकी... ऐसे हुआ गिरफ्तार
मुंबई के पवई इलाके में एक गंभीर घटना सामने आई, जहां 15 वर्ष से कम उम्र के 17 बच्चों को ऑडिशन के बहाने RA स्टूडियो में बुलाकर बंधक बनाया गया. बच्चों के लंच ब्रेक तक बाहर न आने पर परिजन खासे चिंतित हुए. उसी बीच आरोपी रोहित आर्या ने एक वीडियो भेज कर धमकी दी कि अगर उसकी बात नहीं मानी गई तो वह स्टूडियो म...


मुंबई के पवई इलाके में एक गंभीर घटना सामने आई, जहां 15 वर्ष से कम उम्र के 17 बच्चों को ऑडिशन के बहाने RA स्टूडियो में बुलाकर बंधक बनाया गया. बच्चों के लंच ब्रेक तक बाहर न आने पर परिजन खासे चिंतित हुए. उसी बीच आरोपी रोहित आर्या ने एक वीडियो भेज कर धमकी दी कि अगर उसकी बात नहीं मानी गई तो वह स्टूडियो में आग लगा देगा. हादसे की सूचना पाकर दमकल और पुलिस मौके पर पहुंची और डीटेल कार्रवाई कर सभी बच्चों को सुरक्षित निकाला गया. आरोपी रोहित को हिरासत में ले लिया गया है.
आडिशन देने पहुंचे बच्चे राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए थे. कुछ लोग स्टूडियो से बाहर आते समय घायल दिखे. पुलिस ने आरोपी से बातचीत कर स्थिति संभाली और फिर उसे हिरासत में लिया, साथ ही बंधक बनाए गए बच्चों को सुरक्षित रिहा कराया गया.
आरोपी का मोटिव - सरकार पर नाराजगी बताई
प्रारम्भिक पूछताछ में रोहित ने बताया कि वह कई सरकारी परियोजनाओं में निवेश कर चुका था और उसे आर्थिक नुकसान हुआ. उसने सरकार और संबंधित विभागों को जिम्मेदार ठहराते हुए यह खतरनाक कदम उठाया. उसने कहा कि विज्ञापन व अभिनय का वादा कर बच्चों को स्टूडियो बुलाया गया था.
वीडियो में दी धमकी
विडियो संदेश में रोहित ने कहा: “मैंने एक प्लान के तहत बच्चों को बंधक बनाया है. मुझे उकसाया न जाए, नहीं तो मैं इस जगह को आग लगा दूंगा. मैंने आत्महत्या की बजाय यह प्लान बनाया है.”
‘लेट्स चेंज 4’ का जिक्र
रोहित ने बार-बार ‘लेट्स चेंज 4’ शब्द का उल्लेख किया और इसे अपने मिशन के रूप में प्रस्तुत किया. उसने दावा किया कि यह कोई अकेला कदम नहीं है और ऐसे और लोग भी हैं. पुलिस उस मिशन और उसकी संभावित कड़ियों की जांच कर रही है कि यह व्यक्तिगत प्रेरणा है या किसी संगठन/आंदोलन से जुड़ा मामला.
पुलिस की कार्रवाई और रुख
मौके पर मुंबई पुलिस, ATS और SWAT टीम ने इलाके को सील कर व्यापक ऑपरेशन चलाया. पवई पुलिस ने बताया कि ऑपरेशन “ट्रिगर-फ्री” तरीके से चलाया गया ताकि आरोपी को उकसाए बिना बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. अधिकारीयों का कहना है कि प्राथमिकता प्रत्येक बच्चे की सुरक्षा रही और फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है.
आरोपी की पहचान
पुलिस के अनुसार रोहित एक स्थानीय युवक है और कथित रूप से कुछ समय से मानसिक तनाव में था. उसके सोशल मीडिया पोस्टों में “सिस्टम से निराश” और “बदलाव की जरूरत” जैसे संदेश मिले हैं. पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या वह किसी ऑनलाइन ग्रुप या सक्रिय आंदोलन से जुड़ा है.

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