श्रावणी मेले में सफाई की, अब मेहनताने के लिए भटक रहीं महिला कर्मी, देवघर नगर निगम में हंगामा
श्रावणी मेले में सफाई व्यवस्था संभालने वाले करीब 100 महिला और पुरुष सफाई कर्मियों का मेहनताना अब भी लंबित है. बकाया भुगतान की मांग को लेकर सोमवार को 40-50 महिला कर्मियों ने देवघर नगर निगम कार्यालय पहुंचकर नाराजगी जताई.

Deoghar: श्रावणी मेले के दौरान दिन-रात मेहनत कर देवघर को स्वच्छ रखने वाली महिला सफाई कर्मियों को अब अपने मेहनताने के लिए नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं. सोमवार को बकाया भुगतान की मांग को लेकर करीब 40 से 50 महिला सफाई कर्मी नगर निगम कार्यालय पहुंचीं और अपनी नाराजगी जाहिर की. कर्मियों का आरोप है कि कई बार गुहार लगाने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन मिल रहा है. दुर्गापूजा जैसे त्योहार से पहले मेहनत की कमाई नहीं मिलने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
500 सफाई कर्मियों ने संभाली थी जिम्मेदारी
सफाई कर्मी मीना देवी के अनुसार, श्रावणी मेले के दौरान शहर और पूरे मेला क्षेत्र की सफाई व्यवस्था बनाए रखने में करीब 500 महिला और पुरुष सफाई कर्मी जुटे थे. इनमें से लगभग 400 कर्मियों को मेहनताना मिल चुका है, जबकि करीब 100 कर्मियों का भुगतान अब भी लंबित है. कर्मियों का कहना है कि प्रतिदिन 500 रुपये की दर से एक महीने का मेहनताना 15 हजार रुपये बनता है. लगातार मेहनत करने और कई बार तबीयत बिगड़ने के बावजूद उन्होंने सफाई व्यवस्था सुचारु बनाए रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाई.
भुगतान के लिए मिल रहा केवल आश्वासन
महिला सफाई कर्मियों का आरोप है कि नगर निगम कार्यालय में संपर्क करने पर कभी आज तो कभी कल भुगतान करने की बात कही जाती है, लेकिन अब तक बकाया राशि नहीं मिली है. त्योहार के समय मेहनताने के अभाव में घर-परिवार की जरूरतें पूरी करना मुश्किल हो रहा है. कर्मियों ने नगर निगम प्रशासन से लंबित भुगतान की स्थिति स्पष्ट करने और जल्द से जल्द राशि जारी करने की मांग की है.
नगर आयुक्त से नहीं हुई मुलाकात, उपायुक्त से करेंगी गुहार
सोमवार को नगर निगम कार्यालय पहुंचीं महिला सफाई कर्मियों ने नगर आयुक्त सुलोचना मीना से मिलने का इंतजार किया, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी. इसके बाद नाराज कर्मी वापस लौट गईं. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भुगतान की समस्या का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो मंगलवार को समाहरणालय पहुंचकर उपायुक्त से अपनी फरियाद रखेंगी. फिलहाल, बकाया भुगतान के कारणों और राशि जारी करने की संभावित तिथि पर नगर निगम प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आया है.

