SIR को लेकर निर्वाचन आयोग की राजनीतिक दलों से अपील, BLA निर्धारित प्रक्रिया के तहत करें सहयोग
SIR को लेकर निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों और उनके BLA से निर्धारित प्रक्रिया के तहत सहयोग करने की अपील की है. प्रारूप मतदाता सूची जारी होने के बाद BLA प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन जमा कर सकेंगे. 30 से अधिक आवेदन पर क्रॉस-वेरिफिकेशन होगा.

रांची: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर भारत निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक दलों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है। आयोग के निर्देशों के तहत मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंट (BLA) मतदाता सूची से जुड़े आवेदन संबंधित बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सौंप सकते हैं। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने राजनीतिक दलों और उनके अधिकृत BLA से नियमों का पालन करते हुए पुनरीक्षण प्रक्रिया में सहयोग की अपील की है। उन्होंने बताया कि प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित होने के बाद वर्तमान में एक BLA प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन प्रपत्र BLO को जमा कर सकता है। सामूहिक रूप से आवेदन जमा करने के दौरान BLA को लिखित घोषणा भी देनी होगी। आयोग का उद्देश्य पात्र नागरिकों को मतदाता सूची में शामिल करना और अपात्र अथवा विदेशी नागरिकों के नाम शामिल होने से रोकना है.
BLA के लिए आवेदन जमा करने की प्रक्रिया तय
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग ने SIR के दौरान राजनीतिक दलों के BLA की भूमिका और उनके लिए आवेदन जमा करने की प्रक्रिया स्पष्ट की है। अधिकृत BLA मतदाता सूची से संबंधित आवेदन प्रपत्रों को एक साथ संबंधित BLO के समक्ष जमा कर सकते हैं.
इन आवेदनों पर BLO स्तर से निर्धारित प्रक्रिया के तहत सत्यापन और जांच की जाएगी। इसके बाद संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी आवेदन पर आवश्यक निर्णय लेंगे.
प्रारूप सूची प्रकाशित होने के बाद 10 आवेदन की सीमा
आयोग के दिशा-निर्देश के अनुसार प्रारूप मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले एक BLA प्रतिदिन अधिकतम 50 आवेदन प्रपत्र BLO को सौंप सकता था। अब राज्य में प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित हो चुकी है, इसलिए वर्तमान व्यवस्था के तहत एक BLA प्रतिदिन अधिकतम 10 आवेदन प्रपत्र जमा कर सकता है.
आयोग ने आवेदन जमा करने की प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट व्यवस्था बनाई है, ताकि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पारदर्शिता और सत्यापन सुनिश्चित किया जा सके.
सामूहिक आवेदन के साथ देनी होगी लिखित घोषणा
यदि BLA एक साथ कई आवेदन प्रपत्र BLO को सौंपता है, तो उसे आवेदन की सूची के साथ लिखित घोषणा या अंडरटेकिंग भी देना अनिवार्य होगा। इसमें BLA को यह प्रमाणित करना होगा कि उसने संलग्न आवेदन प्रपत्रों में दर्ज जानकारी का व्यक्तिगत रूप से सत्यापन किया है.
घोषणा में BLA का पूरा नाम, संबंधित राजनीतिक दल का नाम, तारीख और हस्ताक्षर दर्ज करना होगा। इसके जरिए आवेदन में दी गई जानकारी की जिम्मेदारी और सत्यापन प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है.
30 से ज्यादा आवेदन पर होगा क्रॉस-वेरिफिकेशन
निर्वाचन आयोग के निर्देशों के मुताबिक यदि किसी BLA ने SIR की पूरी अवधि के दौरान 30 से अधिक आवेदन प्रपत्र जमा किए हैं, तो संबंधित निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी या सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी को उन आवेदनों का व्यक्तिगत रूप से क्रॉस-वेरिफिकेशन करना होगा.
इस व्यवस्था का उद्देश्य सामूहिक रूप से जमा किए गए आवेदन की वास्तविकता और जानकारी की शुद्धता सुनिश्चित करना है। इससे मतदाता सूची में गलत या अपूर्ण जानकारी शामिल होने की संभावना को कम करने में मदद मिलेगी.
पात्र नागरिकों का नाम जुड़े, अपात्र नाम न हों: आयोग
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों और उनके BLA से आयोग की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समन्वय के साथ काम करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि SIR की प्रक्रिया में सभी संबंधित पक्षों की भागीदारी जरूरी है.
आयोग का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र भारतीय नागरिक मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि किसी अपात्र व्यक्ति या विदेशी नागरिक का नाम मतदाता सूची में शामिल न हो.




