देवघर के सिमरा दुर्गा मंदिर में डारा सिंदूर की धूम, सुहागिनों ने मांगी अखंड सौभाग्य की कामना
देवघर के सिमरा स्थित ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर में डारा सिंदूर की परंपरा के दौरान सुहागिन महिलाओं की भारी भीड़ उमड़ी. पश्चिम बंगाल समेत दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचीं महिलाओं ने मां दुर्गा के दर्शन कर सिंदूर धारण किया और पति की लंबी उम्र, अखंड सौभाग्य व परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की.

Report:-Sunil kumar jha
देवघर:- देवघर के सिमरा स्थित ऐतिहासिक दुर्गा मंदिर में डारा सिंदूर की परंपरा के दौरान आस्था और संस्कृति का अनूठा संगम देखने को मिला. इस धार्मिक आयोजन में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में सुहागिन महिलाएं मंदिर पहुंचीं. देवघर के आसपास के इलाकों के साथ पश्चिम बंगाल और दूसरे दूरस्थ क्षेत्रों से भी महिलाएं यहां आईं. सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी. महिलाएं कतार में खड़ी होकर अपनी बारी का इंतजार करती रहीं. मां दुर्गा के दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद उन्होंने सिंदूर धारण कर वर्षों से चली आ रही परंपरा निभाई. इस दौरान महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र, वैवाहिक जीवन में सुख-शांति और परिवार की समृद्धि की कामना की. मंदिर में चढ़ाए गए प्रसाद को भी श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया. पूरे परिसर में भक्ति का माहौल बना रहा. सिमरा के बंगाली समाज से जुड़ी यह परंपरा धार्मिक विश्वास के साथ स्थानीय संस्कृति और पीढ़ियों से चली आ रही विरासत की पहचान भी बनी हुई है.
सुबह से मंदिर में जुटने लगीं महिलाएं
डारा सिंदूर के अवसर पर सिमरा दुर्गा मंदिर में सुबह से ही महिलाओं की भीड़ पहुंचने लगी थी. दूर-दराज से आई श्रद्धालुओं ने मां दुर्गा के दर्शन के लिए कतार में लगकर अपनी बारी का इंतजार किया. आयोजन के दौरान मंदिर परिसर में लगातार चहल-पहल बनी रही. महिलाओं ने श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना कर परंपरा में हिस्सा लिया.
पश्चिम बंगाल से भी पहुंचीं श्रद्धालु
इस धार्मिक आयोजन में केवल देवघर और आसपास के इलाकों की महिलाएं ही शामिल नहीं हुईं, बल्कि पश्चिम बंगाल सहित दूसरे क्षेत्रों से भी सुहागिनें सिमरा पहुंचीं. डारा सिंदूर के प्रति महिलाओं की आस्था के कारण हर साल इस अवसर पर मंदिर में श्रद्धालुओं की मौजूदगी देखने को मिलती है. इस बार भी विभिन्न क्षेत्रों से आई महिलाओं ने आयोजन में भाग लिया.
पति की लंबी उम्र के लिए की प्रार्थना
डारा सिंदूर की परंपरा में शामिल महिलाओं ने मां दुर्गा के समक्ष अपने पति की दीर्घायु और अखंड सौभाग्य की कामना की. इसके साथ ही परिवार में सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की गई. पूजा-अर्चना के बाद महिलाओं ने सिंदूर धारण किया और मंदिर में चढ़ाए गए प्रसाद को ग्रहण किया.
पीढ़ियों से निभाई जा रही परंपरा
स्थानीय लोगों के अनुसार, सिमरा के बंगाली समाज के दुर्गा मंदिर में डारा सिंदूर की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है. हर वर्ष महिलाएं इस आयोजन में शामिल होकर मां दुर्गा का आशीर्वाद लेती हैं. पीढ़ियों से जारी इस परंपरा ने स्थानीय समाज में अपनी अलग पहचान बनाई है. धार्मिक मान्यताओं से जुड़ा यह आयोजन महिलाओं की आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है.
धार्मिक आस्था के साथ संस्कृति का संरक्षण
सिमरा दुर्गा मंदिर में डारा सिंदूर के दौरान उमड़ी भीड़ ने इस परंपरा के प्रति महिलाओं के जुड़ाव को प्रदर्शित किया. बदलते समय के बावजूद स्थानीय धार्मिक रीति-रिवाजों को निभाने की परंपरा कायम है. यह आयोजन बंगाली समाज की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. पूरे कार्यक्रम के दौरान मंदिर में भक्तिमय वातावरण रहा. महिलाओं ने मां दुर्गा से अपने परिवार की खुशहाली और सुख-समृद्धि की प्रार्थना की.

