रामगढ़ में रूपी सोरेन के संस्कार भोज में उमड़े लोग, बाबा रामदेव ने दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के संस्कार भोज में नेमरा में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे. योग गुरु बाबा रामदेव ने भी पहुंचकर दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धांजलि दी और सोरेन परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की.

रामगढ़:- झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां स्वर्गीय रूपी सोरेन के संस्कार भोज का आयोजन उनके पैतृक गांव नेमरा में किया गया. इस मौके पर राज्य के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं. रामगढ़ के अलावा रांची, हजारीबाग, बोकारो, धनबाद, कोडरमा, चतरा, देवघर और जमशेदपुर सहित कई स्थानों से लोगों की मौजूदगी रही. कार्यक्रम में योग गुरु बाबा रामदेव भी शामिल हुए. हेलीकॉप्टर से नेमरा पहुंचने के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री के आवास पर जाकर दिवंगत रूपी सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित किए और उन्हें श्रद्धांजलि दी. इस दौरान बाबा रामदेव ने रूपी सोरेन के योगदान को याद करते हुए उनके निधन को झारखंड के लिए बड़ी क्षति बताया. कार्यक्रम में कई विशिष्ट लोगों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए. संस्कार भोज के दौरान नेमरा में लोगों की आवाजाही बनी रही और सोरेन परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करने का सिलसिला जारी रहा.
नेमरा में संस्कार भोज में शामिल होने पहुंचे लोग
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की मां रूपी सोरेन के संस्कार भोज में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया. राज्य के अलग-अलग जिलों से पहुंचे लोगों ने परिवार के प्रति अपनी संवेदना जताई. कार्यक्रम में रिश्तेदारों, परिचितों और समर्थकों के साथ अन्य लोग भी शामिल हुए. इस दौरान नेमरा में लोगों की आवाजाही देखने को मिली.
हेलीकॉप्टर से नेमरा पहुंचे बाबा रामदेव
योग गुरु बाबा रामदेव मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पैतृक गांव नेमरा पहुंचे. हेलीकॉप्टर से उतरने के बाद वह सीधे मुख्यमंत्री के आवास गए. वहां उन्होंने स्वर्गीय रूपी सोरेन की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी. उन्होंने इस कठिन समय में मुख्यमंत्री और उनके परिवार को संबल मिलने की कामना भी की.
रूपी सोरेन के योगदान को किया याद
बाबा रामदेव ने रूपी सोरेन के निधन को झारखंड के लिए अपूरणीय क्षति बताया. उन्होंने कहा कि उनका योगदान और जीवन से जुड़ी प्रेरणाएं लोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने रूपी सोरेन को शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक बताते हुए उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया. उनके संदेश का केंद्र शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना और दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि देना रहा.
शिबू सोरेन की विरासत का भी किया उल्लेख
अपने संबोधन में बाबा रामदेव ने दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की विरासत और उनके विचारों का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस विरासत को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहे हैं. बाबा रामदेव ने आदिवासी समाज सहित विभिन्न वर्गों को साथ लेकर चलने और राज्य के विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया.
वीवीआईपी आगमन को लेकर सुरक्षा के इंतजाम
संस्कार भोज में विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया गया. बाबा रामदेव के आगमन के दौरान भी आवश्यक इंतजाम किए गए. कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दूर-दराज से पहुंचे लोगों के बीच शोक और संवेदना का माहौल रहा. रूपी सोरेन के निधन के बाद आयोजित इस कार्यक्रम में लोगों की भागीदारी ने सोरेन परिवार के प्रति उनके जुड़ाव को सामने रखा.




