कोयल नदी रेलवे पुल में दरार, लोहरदगा स्टेशन मार्च तक बंद, कई ट्रेनें डायवर्ट
कोयल नदी पर बने रेलवे पुल के स्पैन संख्या–5 में दरार पाए जाने के बाद रेलवे प्रशासन ने एहतियातन बड़ा निर्णय लिया है. सुरक्षा कारणों से लोहरदगा रेलवे स्टेशन को मार्च 2026 तक बंद कर दिया गया है.

Ranchi: कोयल नदी पर बने रेलवे पुल के स्पैन संख्या–5 में दरार पाए जाने के बाद रेलवे प्रशासन ने एहतियातन बड़ा निर्णय लिया है. सुरक्षा कारणों से लोहरदगा रेलवे स्टेशन को मार्च 2026 तक बंद कर दिया गया है. इसके चलते इस रूट से गुजरने वाली प्रमुख ट्रेनों का परिचालन अगले दो महीनों तक प्रभावित रहेगा.
राजधानी और सासाराम एक्सप्रेस बदले मार्ग से चलेंगी
रेलवे अधिकारियों के अनुसार रांची–सासाराम एक्सप्रेस 8 जनवरी से मेसरा–बरकाकाना मार्ग से चलाई जाएगी. वहीं रांची–नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस को परिवर्तित मार्ग रांची–टाटीसिलवे–मेसरा–बरकाकाना होकर संचालित करने का निर्णय लिया गया है. फिलहाल रांची से लोहरदगा के बीच किसी भी एक्सप्रेस ट्रेन का परिचालन पूरी तरह बंद रहेगा.
पुल मरम्मत कार्य चरणबद्ध तरीके से होगा
मंगलवार को पुल का निरीक्षण करने पहुंचे दक्षिण पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्र ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने बताया कि पुल की मरम्मत चरणबद्ध तरीके से कराई जाएगी और सभी तकनीकी मानकों को पूरा करने के बाद ही ट्रेनों का परिचालन बहाल किया जाएगा. मरम्मत की शुरुआत पिलर संख्या–5 से होगी, इसके बाद पिलर संख्या–6 और 7 पर कार्य किया जाएगा.
मेमू ट्रेनों का परिचालन इरगांव हॉल्ट तक
रेलवे प्रशासन ने वैकल्पिक व्यवस्था के तहत रांची–लोहरदगा और अन्य मेमू पैसेंजर ट्रेनों का परिचालन लोहरदगा स्टेशन के बजाय लगभग आठ किलोमीटर दूर इरगांव हॉल्ट तक करने का निर्णय लिया है. यात्रियों की सुविधा के लिए लोहरदगा से इरगांव के बीच बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी, हालांकि बसों की संख्या को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं की गई है.
लोहरदगा–टोरी कनेक्टिंग ट्रेन शुरू
यात्रियों को आगे की यात्रा में परेशानी न हो, इसके लिए लोहरदगा से टोरी के लिए कनेक्टिंग ट्रेन भी शुरू की जा रही है. रेलवे का कहना है कि यात्रियों को वैकल्पिक साधनों से गंतव्य तक पहुंचाने की पूरी व्यवस्था की जा रही है.
मार्च में आंशिक परिचालन, मई 2026 तक पूरा होगा मरम्मत कार्य
तकनीकी प्रक्रिया के तहत 15 फरवरी तक सॉइल टेस्टिंग पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है. रेलवे प्रशासन का प्रयास है कि मार्च के अंतिम सप्ताह तक आंशिक रूप से ट्रेन परिचालन शुरू कर दिया जाए. वहीं, पुल से संबंधित संपूर्ण मरम्मत कार्य मई 2026 तक पूरा किया जाएगा.
पिलर पर जैकेटिंग-पाइलिंग, 24 घंटे चलेगा काम
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल के पिलर संख्या 4, 5, 6 और 7 पर जैकेटिंग और पाइलिंग का कार्य किया जाएगा. इसके साथ ही अस्थायी परिचालन के लिए स्टील गार्डर लगाने की योजना भी बनाई गई है. मरम्मत कार्य के लिए तीन से चार तकनीकी टीमें चौबीसों घंटे कार्य करेंगी.
नए रेलवे पुल की भी बनेगी योजना
निरीक्षण के बाद महाप्रबंधक ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और संबंधित एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. साथ ही कोयल नदी पर नए रेलवे पुल के निर्माण को लेकर भी योजना बनाने की बात कही गई है. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, प्रस्तावित डबल लाइन ट्रैक का सर्वे पहले ही पूरा किया जा चुका है.

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