रांची की बापू वाटिका में धरना देने पहुंचे CJP कार्यकर्ता, पुलिस से हुई नोकझोंक; SDM की अनुमति पर अड़ा प्रशासन
रांची के मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका में धरना देने पहुंचे CJP कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक दिया. SDM की अनुमति को लेकर दोनों पक्षों में नोकझोंक हुई. वहीं, समर्थन में पहुंचीं आएसा की महिला कार्यकर्ताओं को हटाने की कोशिश के बाद प्रदर्शन स्थल पर तनाव की स्थिति बन गई.

रांची:- झारखंड की राजधानी रांची में धरना-प्रदर्शन को लेकर एक बार फिर पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच विवाद सामने आया है. मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका में प्रदर्शन करने पहुंचे CJP कार्यकर्ताओं को पुलिस ने धरने पर बैठने से रोक दिया. पुलिस की ओर से कहा गया कि प्रदर्शन करने से पहले अनुमंडल दंडाधिकारी (SDM) से अनुमति लेना जरूरी है. इसी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच बहस शुरू हो गई. उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, स्थिति को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस CJP कार्यकर्ताओं को अपने साथ थाने ले गई. घटनास्थल पर CJP को समर्थन देने पहुंचीं आएसा की महिला कार्यकर्ताओं को हटाने की कोशिश भी की गई. इस दौरान माहौल तनावपूर्ण होने की बात सामने आई. घटना के बाद राजधानी में प्रदर्शन के लिए निर्धारित स्थानों और अनुमति की प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है.
बापू वाटिका में धरना देने पहुंचे थे CJP कार्यकर्ता
मोरहाबादी मैदान स्थित बापू वाटिका में CJP कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर धरना देने पहुंचे थे. हालांकि, मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें प्रदर्शन शुरू करने से रोक दिया. पुलिस ने स्पष्ट किया कि धरना देने के लिए पहले SDM से अनुमति लेकर आनी होगी. इसके बाद कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बहस होने लगी.
अनुमति को लेकर पुलिस और कार्यकर्ताओं में बहस
धरना देने से रोके जाने के बाद CJP कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया. वहीं, पुलिस प्रशासन बिना आवश्यक अनुमति के प्रदर्शन की इजाजत देने को तैयार नहीं था. दोनों पक्षों के बीच हुई नोकझोंक के कारण मौके पर तनाव की स्थिति बन गई. पुलिस की ओर से अनुमति की प्रक्रिया पूरी करने पर जोर दिया गया.
महिला कार्यकर्ताओं को हटाने की कोशिश से बढ़ा तनाव
CJP के समर्थन में आएसा की महिला कार्यकर्ता भी बापू वाटिका पहुंची थीं. उन्हें वहां से हटाने की कोशिश किए जाने की बात सामने आई है. आरोप है कि कुछ महिला कार्यकर्ताओं को जबरन खींचकर हटाने का प्रयास किया गया. इस घटनाक्रम के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बनने की जानकारी मिली. हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है.
पुलिस CJP कार्यकर्ताओं को थाने ले गई
प्रदर्शन को लेकर विवाद बढ़ने के बाद पुलिस CJP कार्यकर्ताओं को अपने साथ थाने ले गई. पुलिस की कार्रवाई के बीच धरना देने पहुंचे लोगों का विरोध जारी रहा. फिलहाल, उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि कार्यकर्ताओं को कितनी देर तक थाने में रखा गया और बाद में उन्हें छोड़ा गया या नहीं.
प्रदर्शन के लिए निर्धारित जगहों पर उठे सवाल
इस घटना ने रांची में धरना-प्रदर्शन के लिए उपलब्ध स्थानों और अनुमति की प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए हैं. इससे पहले मरांग गोमके जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में भी प्रदर्शन को लेकर रोक लगाए जाने की बात सामने आई थी. अब बापू वाटिका में हुई घटना के बाद आंदोलनकारियों के लिए निर्धारित स्थानों की व्यवस्था पर चर्चा हो रही है. एक ओर पुलिस अनुमति की अनिवार्यता पर जोर दे रही है, तो दूसरी ओर प्रदर्शनकारियों को अपनी बात रखने के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने की मांग का मुद्दा सामने आ रहा है. इस मामले में प्रशासन की ओर से विस्तृत स्पष्टीकरण सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी.




