पलामू में JPSC-JSSC मामले को लेकर CID की दबिश, दो आरोपियों की तलाश तेज
JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली के मामले में CID और पलामू पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. गैर-जमानती वारंट के बाद टीम ने कोचिंग संचालक रविशंकर कुमार और सरकारी शिक्षक संतोष कुमार सिंह के घर छापेमारी की, लेकिन दोनों आरोपी फरार मिले.

JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित धांधली और गड़बड़ी के मामले में जांच एजेंसियों ने कार्रवाई तेज कर दी है. अदालत की सख्ती और पलामू निवासी दो आरोपियों के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद बुधवार को CID और पलामू पुलिस की संयुक्त टीम ने शहर थाना क्षेत्र में दो ठिकानों पर छापेमारी की. जांच टीम ने हनुमान नगर स्थित कोचिंग संचालक रविशंकर कुमार और हमीदगंज स्थित सरकारी शिक्षक संतोष कुमार सिंह के आवास पर दबिश दी. हालांकि, कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपी अपने-अपने घर पर नहीं मिले. इसके बाद पुलिस ने उनके परिजनों को अदालत के वारंट की जानकारी देते हुए दोनों आरोपियों को जल्द न्यायालय में पेश कराने का निर्देश दिया. पुलिस ने चेतावनी दी कि यदि आरोपी जल्द हाजिर नहीं होते हैं तो उनके खिलाफ आगे कुर्की-जब्ती जैसी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. इस कार्रवाई के बाद JPSC-JSSC मामले में जांच और गिरफ्तारी को लेकर हलचल तेज हो गई है.
हनुमान नगर और हमीदगंज में हुई छापेमारी
संयुक्त जांच टीम ने पलामू शहर के हनुमान नगर में कोचिंग संचालक रविशंकर कुमार के आवास और हमीदगंज में सरकारी शिक्षक संतोष कुमार सिंह के घर पर छापेमारी की. बताया गया कि रविशंकर के घर पर उनके माता-पिता मौजूद थे, जबकि संतोष कुमार सिंह के आवास पर उनके ससुर मिले. पुलिस टीम ने दोनों परिवारों को अदालत से जारी गैर-जमानती वारंट की जानकारी दी और आरोपियों को जल्द से जल्द न्यायालय के समक्ष पेश कराने को कहा. जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया कि यदि दोनों आरोपी कानून की प्रक्रिया के तहत सामने नहीं आते हैं, तो आगे कठोर कार्रवाई की जा सकती है. इस दौरान पुलिस टीम ने संभावित सुरागों और आरोपियों की मौजूदगी से संबंधित जानकारी भी जुटाई. जांच एजेंसियों की कार्रवाई से संकेत मिल रहा है कि JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी के मामले को लेकर पुलिस अब आरोपियों तक पहुंचने के लिए लगातार दबाव बढ़ा रही है. फिलहाल दोनों आरोपियों की तलाश जारी है.
3 अगस्त को भी हुई थी छापेमारी
इस मामले में जांच एजेंसियां पहले भी आरोपियों के ठिकानों पर कार्रवाई कर चुकी हैं. इससे पहले 3 अगस्त की सुबह CID की टीम ने रविशंकर कुमार और संतोष कुमार सिंह से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की थी. उस दौरान जांच टीम ने कई संदिग्ध दस्तावेजों के साथ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी जब्त किए थे. इनमें लैपटॉप, मोबाइल फोन और पेन ड्राइव जैसे डिजिटल डिवाइस शामिल बताए गए हैं. फिलहाल जब्त सामान की फॉरेंसिक जांच की जा रही है. जांच अधिकारियों को उम्मीद है कि डिजिटल उपकरणों से मिले डेटा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से मामले में महत्वपूर्ण सुराग हासिल हो सकते हैं. एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कथित परीक्षा गड़बड़ी का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें किन-किन लोगों की भूमिका हो सकती है. जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, डिजिटल एविडेंस की पड़ताल के बाद मामले में कुछ और नाम सामने आने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता. हालांकि, जांच पूरी होने के बाद ही पूरे नेटवर्क की तस्वीर स्पष्ट होगी.
रविशंकर रांची में चलाता है कोचिंग संस्थान
जांच एजेंसियों के मुताबिक, हनुमान नगर निवासी रविशंकर कुमार राजधानी रांची में एक कोचिंग संस्थान संचालित करता है. बताया जाता है कि संस्थान में JPSC सहित विभिन्न राज्यस्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है. दूसरी ओर, इस मामले में आरोपी बनाए गए संतोष कुमार सिंह नौडीहा बाजार प्रखंड में सरकारी शिक्षक के पद पर कार्यरत बताए गए हैं. जांच एजेंसियां दोनों के खिलाफ परीक्षा प्रणाली में कथित सांठगांठ और गड़बड़ी से जुड़े आरोपों की जांच कर रही हैं. अदालत से गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर नजर रख रही हैं. जांच एजेंसियां अब जब्त दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से मिलने वाली जानकारी को भी आरोपों से जोड़कर देख रही हैं. इस कार्रवाई के बीच यह मामला JPSC-JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है. फिलहाल एजेंसियों का पूरा फोकस आरोपियों की गिरफ्तारी और डिजिटल साक्ष्यों की जांच पर है.

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