चमोली टनल हादसा: झारखंड के मृत मजदूर विजय हांसदा का शव गांव भेजा गया, 5 घायल अस्पताल में
“चमोली टनल हादसे में झारखंड के मजदूर विजय हांसदा की मौत हो गई. उनका पार्थिव शरीर गांव भेजा जा रहा है. हादसे में 5 मजदूर घायल हैं, जबकि एक झारखंडी श्रमिक अब भी लापता है.”

Ranchi: उत्तराखंड के चमोली जिले में निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे के बाद झारखंड सरकार ने प्रभावित मजदूरों और उनके परिवारों के लिए राहत प्रक्रिया तेज कर दी है. हादसे में जान गंवाने वाले पूर्वी सिंहभूम के पलसबनी निवासी विजय हांसदा का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव भेजा जा रहा है. कंपनी प्रशासन और परिवार के साथ समन्वय कर शव को एंबुलेंस से गांव भेजने की व्यवस्था पूरी कर ली गई है. इस हादसे में झारखंड के कुल सात मजदूर प्रभावित हुए हैं. इनमें पांच घायल हैं, जबकि एक अन्य श्रमिक के सुरंग में फंसे होने की जानकारी है. घायल मजदूरों का अलग-अलग अस्पतालों में इलाज चल रहा है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देश पर राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष को सक्रिय कर प्रभावित परिवारों तक लगातार आधिकारिक जानकारी पहुंचाई जा रही है.
पांच घायल मजदूरों का चल रहा इलाज
हादसे में घायल झारखंड के मजदूरों में खूंटी जिले के हाबिल गुड़िया, निथिर भिंगरा और दीना बेगरा शामिल हैं. तीनों को हल्की चोटें आई हैं. गुमला जिले के कटकाही निवासी विनोद रावना के दाहिने पैर में फ्रैक्चर हुआ है. वहीं पूर्वी सिंहभूम के खेला राम बिसरा की हालत गंभीर बताई गई है. सभी घायलों को अस्पताल में इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है. राज्य सरकार की ओर से संबंधित अधिकारियों और प्रशासनिक तंत्र के जरिए घायलों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
एक झारखंडी मजदूर अब भी लापता
सुरंग में फंसे तीन मजदूरों को बाहर निकालने के लिए राहत और बचाव अभियान जारी है. इनमें एक मजदूर के झारखंड से होने की पुष्टि हुई है. उसकी पहचान और सुरक्षित वापसी को लेकर राज्य सरकार लगातार संबंधित अधिकारियों और कंपनी प्रबंधन के संपर्क में है. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं. इसका उद्देश्य प्रभावित मजदूरों के परिजनों को उनकी स्थिति से जुड़ी प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराना है.
परिवार को आर्थिक मदद, मुआवजे की प्रक्रिया शुरू
विजय हांसदा के परिवार को अंतिम संस्कार के लिए कंपनी की ओर से तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है. इसके अलावा राज्य सरकार ने मृतक के परिजनों को पात्रता के आधार पर मुआवजा, बीमा राशि और अन्य सरकारी लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. फिलहाल प्रशासन का फोकस एक ओर मृतक मजदूर का पार्थिव शरीर उनके गांव तक पहुंचाने और परिवार को जरूरी सहायता उपलब्ध कराने पर है, वहीं दूसरी ओर सुरंग में फंसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए चल रहे रेस्क्यू ऑपरेशन पर भी लगातार नजर रखी जा रही है.


