मंत्री के सामने रिश्वत मांगने का मामला, 50 हजार रुपये की डिमांड पर डेटा एंट्री ऑपरेटर सस्पेंड
सीतामढ़ी में SC-ST अनुदान की राशि जारी करने के बदले 50 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगा. मंत्री के सामने शिकायत और फोन पर बातचीत के बाद डेटा एंट्री ऑपरेटर को सस्पेंड कर जांच के आदेश दिए गए.

सीतामढ़ी में सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है. अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के लिए मिलने वाले अनुदान की राशि जारी करने के बदले एक सरकारी कार्यालय में काम करने वाले डेटा एंट्री ऑपरेटर पर 50 हजार रुपये मांगने का आरोप लगा है. मामला तब सामने आया, जब कुछ फरियादी अपनी शिकायत लेकर मंत्री के पास पहुंचे थे. फरियादियों ने बताया कि अनुदान की राशि प्राप्त करने के लिए उनसे पैसे की मांग की जा रही है. शिकायत सुनने के बाद मंत्री ने तत्काल कार्रवाई करते हुए फरियादी से उसी व्यक्ति को फोन लगाने को कहा, जिस पर रिश्वत मांगने का आरोप था. मंत्री की मौजूदगी में फोन लगाया गया और बातचीत के दौरान कथित तौर पर 50 हजार रुपये देने की बात कही गई. इसके बाद मंत्री ने अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई का निर्देश दिया. संबंधित डेटा एंट्री ऑपरेटर को निलंबित करने के साथ पूरे मामले की जांच के आदेश दिए गए हैं.
अनुदान के बदले मांगे जा रहे थे 50 हजार रुपये
बताया गया कि सीतामढ़ी से आए फरियादियों ने मंत्री को अपनी परेशानी बताई. उनका आरोप था कि अनुसूचित जाति-जनजाति के लिए मिलने वाली अनुदान राशि को जारी करने के बदले उनसे 50 हजार रुपये की मांग की जा रही है. फरियादियों ने इस संबंध में मंत्री से हस्तक्षेप करने की मांग की.
मंत्री ने शिकायत की मौके पर ही कराई पड़ताल
शिकायत सुनने के बाद मंत्री ने मामले को गंभीरता से लिया. उन्होंने फरियादी से कहा कि जिस व्यक्ति पर पैसे मांगने का आरोप है, उसे तत्काल फोन लगाया जाए. इसके बाद फरियादी ने मंत्री के सामने ही संबंधित डेटा एंट्री ऑपरेटर से फोन पर बातचीत की. इस बातचीत को लेकर एक कॉल रिकॉर्डिंग भी सामने आई है.
फोन पर हुई बातचीत में रिश्वत की मांग का आरोप
बताया जा रहा है कि फोन पर बातचीत के दौरान डेटा एंट्री ऑपरेटर ने कथित तौर पर 50 हजार रुपये देने की बात कही. आरोपी कर्मचारी की पहचान चंदन कुमार के रूप में बताई गई है. वह सीतामढ़ी के सोनबरसा में काम करता था. मामले से जुड़ी कॉल रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद शिकायत और गंभीर हो गई.
मंत्री ने अधिकारियों को दिया तत्काल एक्शन का निर्देश
मामले की जानकारी मिलने के बाद मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया. मंत्री के अनुसार, उन्होंने अधिकारियों से फोन पर ही संबंधित डेटा एंट्री ऑपरेटर को निलंबित करने को कहा. साथ ही पूरे मामले की जांच कराने का निर्देश भी दिया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि अनुदान से जुड़े मामले में रिश्वत की मांग कैसे और किस स्तर पर हुई.
जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर
मंत्री ने स्पष्ट किया कि शिकायत मिलने के बाद तत्काल कार्रवाई की गई है, लेकिन पूरे मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही सामने आएगी. कॉल रिकॉर्डिंग और शिकायत से जुड़े तथ्यों की जांच की जाएगी. इसके साथ ही यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या इस मामले में केवल संबंधित डेटा एंट्री ऑपरेटर की भूमिका थी या फिर किसी अन्य कर्मचारी या अधिकारी की भी इसमें संलिप्तता है. जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.

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