बजट सत्र से पहले पीएम मोदी का 2047 पर जोर, बोले– रिफॉर्म एक्सप्रेस ने पकड़ी रफ्तार
बजट सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने ‘विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम’ और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर चर्चा की मांग की थी, जिसे सरकार ने खारिज कर दिया.

संसद के बजट सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण से हुई. गुरुवार को आर्थिक सर्वेक्षण पेश होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद परिसर में देश की उपलब्धियों, भविष्य की योजनाओं और 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता पर बात की. केंद्रीय बजट 1 फरवरी को पेश किया जाएगा.
बजट सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने ‘विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम’ और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर चर्चा की मांग की थी, जिसे सरकार ने खारिज कर दिया. पीएम मोदी के संबोधन के बाद विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाए. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि सरकार विपक्ष को विश्वास में लिए बिना विधेयक लाती है और संसद में पर्याप्त चर्चा के बिना उन्हें “बुलडोज़र” की तरह पास करा देती है.
पीएम मोदी का संबोधन: रिफॉर्म एक्सप्रेस को मिली नई गति
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बजट पर देश का ध्यान होना स्वाभाविक है, लेकिन सरकार की पहचान हमेशा Reform, Perform और Transform रही है. उन्होंने कहा कि रिफॉर्म एक्सप्रेस अब तेज़ गति से आगे बढ़ रही है और संसद के सहयोग से इसमें और मजबूती आई है. उन्होंने 2047 तक आत्मनिर्भर और विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई.
भारत–ईयू मुक्त व्यापार समझौते का उल्लेख
पीएम मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि यह समझौता युवाओं, किसानों, मछुआरों और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए नए अवसर खोलेगा. साथ ही उन्होंने गुणवत्ता पर जोर देते हुए कहा कि भारतीय उत्पादकों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए खुद को और मजबूत करना होगा.
शताब्दी के दूसरे क्वार्टर का पहला बजट
प्रधानमंत्री ने बताया कि 21वीं सदी का पहला 25 वर्ष का दौर पूरा हो चुका है और अब दूसरा चरण शुरू हो रहा है. 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए आने वाले 25 साल बेहद महत्वपूर्ण हैं. उन्होंने कहा कि इस सत्र में पेश होने वाला बजट शताब्दी के दूसरे क्वार्टर का पहला बजट होगा.
राष्ट्रपति के अभिभाषण के दौरान हंगामा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अपने अभिभाषण में ‘विकसित भारत–जी राम जी कानून’ और ग्रामीण विकास की अहम भूमिका पर प्रकाश डाला. इस दौरान विपक्षी दलों ने नारेबाजी की, जबकि एनडीए सांसदों ने मेज थपथपाकर समर्थन जताया. कुछ देर के हंगामे के बाद राष्ट्रपति का अभिभाषण फिर से शुरू हुआ.
पूर्वजों के योगदान से नई पीढ़ी को प्रेरणा
राष्ट्रपति ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस, बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती और सरदार वल्लभभाई पटेल की 150वीं जयंती का उल्लेख करते हुए उनके योगदान को याद करने की आवश्यकता पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि पूर्वजों के आदर्श नई पीढ़ी को विकसित भारत की यात्रा में प्रेरणा देते हैं. साथ ही भारत रत्न भूपेन हजारिका की जयंती समारोह को देश को एकता और संगीत के माध्यम से जोड़ने वाला बताया.

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