रथ यात्रा से पहले पुरी में बढ़ा तनाव! ISKCON भक्तों की एंट्री रोकने की चेतावनी, Kalinga Sena बोली- 'अब बर्दाश्त नहीं'
Puri Rath Yatra 2026 से पहले ISKCON और Kalinga Sena के बीच विवाद तेज हो गया है. कलिंग सेना ने 16 जुलाई को ISKCON भक्तों की पुरी में एंट्री रोकने और पूरे ओडिशा में संगठन की गतिविधियां बंद कराने की चेतावनी दी है.


पुरी की विश्व प्रसिद्ध रथ यात्रा से पहले ओडिशा में नया विवाद खड़ा हो गया है. कलिंग सेना ने ऐलान किया है कि 16 जुलाई को होने वाली रथ यात्रा के दौरान ISKCON के भक्तों को पुरी में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा. इतना ही नहीं, संगठन ने पूरे ओडिशा में ISKCON की गतिविधियां रोकने की भी चेतावनी दे दी है.
आखिर विवाद की वजह क्या है?
पूरा विवाद रथ यात्रा की तिथि को लेकर है. ISKCON दुनिया के कई देशों में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा आयोजित करता है, लेकिन कई बार उसकी तारीख पुरी की पारंपरिक रथ यात्रा से अलग होती है. कलिंग सेना का आरोप है कि यह भगवान जगन्नाथ की परंपरा और धार्मिक मर्यादा का उल्लंघन है. संगठन का कहना है कि रथ यात्रा उसी तिथि पर निकाली जानी चाहिए, जो पुरी की पारंपरिक पंचांग व्यवस्था के अनुसार निर्धारित होती है. इसी मुद्दे को लेकर 10 जुलाई को भुवनेश्वर स्थित ISKCON मंदिर के बाहर कलिंग सेना ने विरोध प्रदर्शन भी किया.
'पुरी में नहीं घुसने देंगे'-कलिंग सेना की खुली चेतावनी
इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, कलिंग सेना के अध्यक्ष हेमंत रथ ने कहा कि यदि ISKCON पारंपरिक तिथि से अलग रथ यात्रा आयोजित करता है, तो उसके भक्तों को 16 जुलाई को पुरी में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा. उन्होंने आरोप लगाया कि ISKCON ने पुरी गजपति महाराजा दिब्यसिंह देब की अपील की भी अनदेखी की है. गजपति महाराजा को भगवान जगन्नाथ का प्रथम सेवक माना जाता है. कलिंग सेना का कहना है कि यदि जगन्नाथ संस्कृति का सम्मान नहीं किया जाएगा, तो पुरी में ISKCON की गतिविधियों का भी विरोध किया जाएगा.
पूरे ओडिशा में ISKCON की गतिविधियां रोकने की धमकी
कलिंग सेना ने दावा किया है कि यदि ISKCON ने अपने कार्यक्रम में बदलाव नहीं किया, तो उसके कार्यकर्ता पूरे ओडिशा में ISKCON की गतिविधियों का विरोध करेंगे. संगठन ने राज्य के लोगों से भी अपने-अपने क्षेत्रों में ISKCON के खिलाफ विरोध दर्ज कराने की अपील की है. इस विवाद में महाराष्ट्र की राजनीतिक पार्टी शिवसेना ने भी ISKCON की अलग तारीख पर होने वाली रथ यात्रा पर आपत्ति जताई है. हालांकि, ISKCON लंबे समय से भारत और दुनिया के कई देशों में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा का आयोजन करता आ रहा है वहीं पुरी मंदिर प्रशासन लगातार यह कहता रहा है कि रथ यात्रा पारंपरिक धार्मिक तिथि के अनुसार ही मनाई जानी चाहिए. अब सभी की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में यह विवाद बातचीत से सुलझता है या रथ यात्रा से पहले और गहरा जाता है.

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