Jamtara: जामताड़ा जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक राजकुमार मेहता ने कड़ा कदम उठाया है. अपराध नियंत्रण में लापरवाही बरतने के आरोप में जामताड़ा थाना प्रभारी सहित कुल छह पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है. इस कार्रवाई से पुलिस महकमे में स्पष्ट संदेश गया है कि कर्तव्य में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
एसपी ने जामताड़ा थाना क्षेत्र में अपराध पर प्रभावी नियंत्रण नहीं रखने के आरोप में थाना प्रभारी पुलिस निरीक्षक संतोष कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. एसपी राजकुमार मेहता ने कहा कि लगातार हो रही आपराधिक घटनाएं पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े कर रही थीं, ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई जरूरी थी ताकि अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके.
मिहिजाम चोरी कांड में भी कार्रवाई
इसी क्रम में 25 और 26 दिसंबर की रात मिहिजाम थाना क्षेत्र के शिर्डी ज्वेलरी दुकान में हुई बड़ी चोरी की घटना को लेकर भी सख्त रुख अपनाया गया है. रात्रि गश्ती में लापरवाही और असामाजिक तत्वों पर निगरानी नहीं रखने के आरोप में मिहिजाम थाना के एएसआई अजय कुमार, आरक्षी परमेश्वर मंडल, आरक्षी मनबोध कुमार सिंह तथा टाइगर मोबाइल टीम के आरक्षी निशांत चक्रवर्ती और आरक्षी प्रदीप दास को निलंबित करते हुए लाइन हाजिर किया गया है. एसपी ने स्पष्ट किया कि गश्ती में लापरवाही सीधे जनता की सुरक्षा से जुड़ा मामला है.
ज्वेलरी लूट के बाद बढ़ा दबाव
गौरतलब है कि 24 दिसंबर की शाम जामताड़ा के बालाजी ज्वेलर्स में चार नकाबपोश अपराधियों ने हथियार के बल पर लाखों की डकैती की थी. इस दौरान दुकान मालिक अमन बर्मन को गोली मार दी गई थी, जिसके बाद अपराधी फरार हो गए. पुलिस द्वारा 24 घंटे का अल्टीमेटम दिए जाने के बावजूद अब तक न तो आरोपियों की गिरफ्तारी हो सकी है और न ही मामले का खुलासा.
घायल अमन बर्मन का इलाज दुर्गापुर के मिशन अस्पताल में चल रहा है. 28 दिसंबर को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी भी उनसे मिलने अस्पताल पहुंचे थे. बालाजी ज्वेलर्स डकैती के महज 36 घंटे के भीतर मिहिजाम में चोरी की घटना सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया था. ऐसे में एसपी द्वारा की गई यह कार्रवाई जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है.

