साहिबगंज में बंगाली समुदाय ने हर्षोल्लास से मनाया विजयादशमी, महिलाओं ने खेला सिंदूर खेला
साहिबगंज में बंगाली समुदाय ने विजयादशमी का पर्व पारंपरिक उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया. इस अवसर पर महिलाओं ने सिंदूर खेला की रस्म निभाई और मां दुर्गा को भावभीनी विदाई दी. पूरे आयोजन में बंगाली संस्कृति और परंपराओं की खूबसूरत झलक देखने को मिली.

रिपोर्ट : बबलू चौधरी
Sahebganj: जिले में बंगाली समुदाय ने गुरुवार को विजयादशमी का पर्व पारंपरिक रीति-रिवाज और हर्षोल्लास के साथ मनाया. इस अवसर पर मां दुर्गा की पूजा-अर्चना के बाद विसर्जन से पहले विदाई की रस्में निभाई गईं. जिले के रिफ्यूजी कॉलोनी, रॉबिंसन क्लब और बंगाली टोला स्थित रेलवे जनरल इंस्टीट्यूट में बंगाली परंपरा के अनुसार दुर्गा पूजा संपन्न हुई. सुबह से ही पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी रही. पूजा के बाद सुहागन महिलाओं ने पारंपरिक सिंदूर खेला में हिस्सा लिया. महिलाओं ने पहले मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित कर उनका श्रृंगार किया, फिर एक-दूसरे के गालों पर सिंदूर लगाकर सुख-शांति, अखंड सुहाग और परिवार की खुशहाली की कामना की. इस दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे को मिठाइयां खिलाईं और भावुक मन से मां दुर्गा को विदाई दी.
133 वर्षों से चली आ रही है दुर्गा पूजा की परंपरा
बंगाली टोला स्थित रॉबर्टसन क्लब दुर्गा स्थान में सिंदूर खेला का आयोजन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा. कमेटी के राजा साहब ने बताया कि रोशन क्लब, बंगाली टोला में इस वर्ष दुर्गा पूजा के 133 वर्ष पूरे हो गए हैं और यहां यह परंपरा लगातार निभाई जा रही है. सिंदूर खेला के दौरान महिलाओं ने मां दुर्गा से अगले वर्ष फिर आने की प्रार्थना करते हुए भावुक स्वर में “मां तुमि आबार एशो” कहा. पूजा पंडाल में उत्सव और विदाई का भावुक माहौल देखने को मिला. इस अवसर पर सपना कर्मकार, बिंदु शाह, आरती भट्टाचार्य, शांतोना पाल, बिंदु पोद्दार और आशा घोष सहित बंगाली समुदाय की बड़ी संख्या में महिलाएं मौजूद रहीं. सभी ने पारंपरिक तरीके से सिंदूर खेलकर मां दुर्गा को विदाई दी.

