भारतीय सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में स्थित 8 आतंकी कैंप भारतीय सेना की कड़ी निगरानी में हैं. इन कैंपों में आतंकियों को प्रशिक्षण दिए जाने जैसी गतिविधियां चल रही हैं. सेना प्रमुख ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जरा भी संदिग्ध गतिविधि सामने आती है, तो भारतीय सेना बिना देरी सख्त कार्रवाई करेगी. जनरल द्विवेदी ने यह बातें 13 जनवरी 2026 को मानेकशॉ सेंटर में आयोजित वार्षिक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहीं. यह प्रेस वार्ता 15 जनवरी को मनाए जाने वाले आर्मी डे से पहले आयोजित की गई थी. इसमें उन्होंने देश की सुरक्षा स्थिति, सीमाओं पर हालात, सेना के आधुनिकीकरण और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से जानकारी दी. सेना प्रमुख ने बताया कि IB और LoC के पार कुल 8 आतंकी कैंप चिन्हित किए गए हैं, जहां प्रशिक्षण गतिविधियां चल रही हैं. उन्होंने कहा कि सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी उकसावे का तत्काल और निर्णायक जवाब दिया जाएगा.
उत्तरी सीमाओं पर हालात
चीन से लगी उत्तरी सीमाओं पर स्थिति को लेकर जनरल द्विवेदी ने कहा कि हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं. उच्च स्तर की बातचीत से सकारात्मक परिणाम मिल रहे हैं. हालांकि स्थिति स्थिर है, लेकिन सेना पूरी सतर्कता के साथ मजबूत तैनाती बनाए हुए है.
पश्चिमी मोर्चा और ऑपरेशन सिंदूर
पश्चिमी मोर्चे पर स्थिति को लेकर उन्होंने बताया कि पहलगाम हमले के बाद मात्र 22 मिनट में ‘ऑपरेशन रीसेट’ रणनीति के तहत कार्रवाई की गई. ‘ऑपरेशन सिंदूर’ अभी भी जारी है. उन्होंने दोहराया कि पाकिस्तान की किसी भी भविष्य की गलती का करारा जवाब दिया जाएगा. जम्मू-कश्मीर में हालात संवेदनशील जरूर हैं, लेकिन पूरी तरह नियंत्रण में हैं.
मणिपुर और पूर्वोत्तर की स्थिति
मणिपुर में हालात में सुधार की बात करते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि सुरक्षा बलों और सरकार के समन्वित प्रयासों से स्थिति धीरे-धीरे स्थिर हो रही है. उन्होंने उम्मीद जताई कि म्यांमार में चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों देशों की सेनाओं के बीच सहयोग और बेहतर होगा. कुल मिलाकर पूर्वोत्तर भारत में सुरक्षा स्थिति में सुधार हुआ है.
आधुनिकीकरण पर जोर
जनरल द्विवेदी ने कहा कि सेना का फोकस अब तेजी से आधुनिकीकरण पर है. उन्नत ब्रह्मोस मिसाइलें, आधुनिक ड्रोन और लॉयटरिंग म्यूनिशन जल्द सेना में शामिल किए जाएंगे. उन्होंने बताया कि अब 90 प्रतिशत से अधिक गोला-बारूद स्वदेशी रूप से तैयार किया जा रहा है.
महिलाओं की भर्ती का विस्तार
सेना प्रमुख ने जानकारी दी कि CMP के बाद अब आर्मी एजुकेशनल कोर (AEC) और मेडिकल (नॉन-टेक्निकल) शाखाओं में भी महिलाओं को सैनिक और अग्निवीर के रूप में भर्ती किया जाएगा.
नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी पर फोकस
उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने 2026 को ‘नेटवर्किंग और डेटा सेंट्रिसिटी का वर्ष’ घोषित किया है, जिससे रियल-टाइम निर्णय क्षमता और युद्ध प्रभावशीलता को और मजबूत किया जा सकेगा. सेना स्वदेशी तकनीक, संयुक्तता और नवाचार के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रही है.

